शब्दार्थ
एहराम
ihrām
hinoun
अर्थ
हज या उमरा का पवित्र वस्त्र अथवा संकल्प।
विस्तार
इस्लामी परंपरा में 'एहराम' हज या उमरा की नीयत और उस दौरान पहने जाने वाले विशेष सादे वस्त्र को कहते हैं। इस शे’र में यह ज़ाहिद के बाहरी धार्मिक दिखावे और ऊपरी पाबंदी का प्रतीक है। शायर कहता है कि ज़ाहिद ने पवित्र लिबास तो पहन लिया, लेकिन वह आंतरिक रूहानियत और मअरिफ़त से महरूम रहा।
व्युत्पत्ति
Arabic (إِحْرَام), verbal noun of Form IV from the root ḥ-r-m (ح-ر-م), meaning 'to make forbidden' or 'to enter a sacred state'.
प्रयोग
In classical Urdu poetry, ihrām is commonly contrasted with the tavern or lover's attire to satirize mere outward ritualism devoid of inner love.
उदाहरण
बाँधा जो अहद-ए-इश्क़ तो एहराम बाँधिए
एहराम-ए-हज में लिपटे हुए ज़ाहिद
समानार्थी
लिबास-ए-हजजामा-ए-एहराम
संबंधित शब्द
हरममहरमना-महरमहज
