शब्दार्थ
ए'तिबार
e'tibaar
अर्थ
भरोसा, विश्वास, यक़ीन या सच मान लेना।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'ए'तिबार' का अर्थ विश्वास, भरोसा या किसी चीज़ को सत्य मान लेना है। मीर के इस शे'र में इसका आशय यह है कि यह दुनिया वहम का एक कारखाना है, और यहाँ वही सच बन जाता है जिसका इंसान यक़ीन या भ्रम पाल लेता है। इस प्रकार यह अस्तित्व को मानसिक विश्वास पर निर्भर बताता है।
व्युत्पत्ति
Arabic origin, derived from the triconsonantal root 'ʿ-b-r' (ع-ب-ر) on the Form VIII verbal noun measure 'iftiʿāl' (إِعْتِبَار), denoting contemplation, taking heed, credit, or reliance.
प्रयोग
In the ghazal tradition, 'e'tibaar' frequently serves as a motif exploring the fragile trust between lovers, or the metaphysical doubt surrounding the reality of existence.
उदाहरण
तेरे वा'दे पे कहाँ तक कोई ए'तिबार करे
ये सारा खेल तो फ़क़त ए'तिबार का था
