शब्दार्थ

ऊट-पटाँग

ūṭ-paṭāṅg

hiadjective

अर्थ

बेतुका, बेढंगा, निरर्थक या अस्त-व्यस्त।

विस्तार

यह शब्द किसी बेतुकी, असंगत या उलटी-सीधी बात या व्यवस्था के लिए प्रयुक्त होता है। प्रस्तुत शेर में शायर ने व्यंग्यात्मक रूप से ग़ज़ल के क़ाफ़ियों को बेमेल और ऊलजलूल बताया है। यह शास्त्रीय शायरी में आम बोलचाल और हास्य-व्यंग्य का पुट देने के लिए प्रयुक्त हुआ है।

व्युत्पत्ति

Hindustani colloquial / onomatopoeic compound, formed by a reduplicative rhyming jingle to signify erratic nonsense.

प्रयोग

Rare in elevated classical ghazal, it is favored in satirical, light, or humorous poetry to mock pretension.

उदाहरण

बात-बात पर ऊट-पटाँग बातें मत किया करो।

उसने महफ़िल में ऊट-पटाँग अशआर सुनाए।

समानार्थी

ऊल-जलूलबेतुकाबेसिर-पैरअस्त-व्यस्त

संबंधित शब्द

क़ाफ़ियातुबंदीबकवास
← शब्दकोश पर वापस