शब्दार्थ
उभर
Ubhar
hiverb
अर्थ
ऊपर आना, सतह पर निकलना या प्रकट होना।
विस्तार
शायरी में 'उभर' का प्रयोग किसी गहराई या भंवर में डूबने के बाद पुनः सतह पर आने के लिए होता है। प्रस्तुत शेर में यह 'ख़ुदी' की गहराइयों में गोता लगाकर पुनः चेतना में लौट आने के आत्मिक सामर्थ्य को व्यक्त करता है। यह डूबने और संभलने की शक्ति का प्रतीक है।
व्युत्पत्ति
Derived from Sanskrit 'udbhid' (to burst forth, sprout) through Prakrit 'ubbharaï', evolving into Hindustani 'ubharnā'.
प्रयोग
In classical ghazal, it is often paired antithetically with 'doobna' (to sink) to contrast despair with hope or annihilation with revival.
उदाहरण
डूब कर फिर उभर आना
दिल की गहराई से उभरना
समानार्थी
निकलउठप्रकट हो
संबंधित शब्द
उभरनाउभारडूबना
