शब्दार्थ
उठाइए
uṭhāiye
hiverb
अर्थ
उठाना, ऊपर करना या (बोझ/एहसान) सहन करना।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'उठाइए' क्रिया 'उठाना' का आदरसूचक या संभाव्य रूप है, जो भौतिक रूप से ऊपर करने या लाक्षणिक रूप से किसी भार को सहने के लिए प्रयुक्त होता है। प्रस्तुत शेर में यह दोनों मिसरों में अलग-अलग संदर्भों में आया है—पहले मिसरे में पलकें उठाने के अर्थ में, और दूसरे मिसरे में किसी के उपकार या एहसान का बोझ सहने के अर्थ में।
व्युत्पत्ति
Derived from Sanskrit 'उत्थापयति' (utthāpayati - causes to rise) through Prakrit into Hindustani 'उठाना' (uṭhānā).
प्रयोग
In ghazal poetry, it is frequently used both literally with veils and eyelashes (naqāb, mizhgāñ) and metaphorically with grief, oppression, or indebtedness (sitam, dard, ehsān).
उदाहरण
पर्दा-ए-रुख़ उठाइए
रंज-ए-उल्फ़त उठाइए
समानार्थी
बुलंद कीजिएसहन कीजिएझेलिए
संबंधित शब्द
उठानाउठनाउठाव
