शब्दार्थ

इस्तिग़्ना

istighna

hinoun

अर्थ

बेनियाज़ी, बेपरवाही, उपेक्षा या आत्मनिर्भर अनासक्ति।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू काव्य में 'इस्तिग़्ना' का अर्थ बेनियाज़ी, उपेक्षा और बेपरवाह स्वावलंबन है। इश्क़िया शायरी में यह महबूब की उस बेरुखी को दर्शाता है जो आशिक़ की आरज़ू और गिड़गिड़ाने की तनिक भी परवाह नहीं करती। प्रस्तुत शेर में यह आशिक़ के इसरार (इबराम) के जवाब में महबूब की चौगुनी उपेक्षा को रेखांकित करता है।

व्युत्पत्ति

Arabic (إِسْتِغْنَاء, istighnā'), the tenth verbal form (Form X) from the root غ-ن-ي (gh-n-y), meaning to be free from want or to be self-sufficient.

प्रयोग

In the ghazal tradition, 'istighna' is standardly attributed either to the haughty beloved who spurns the lover's petitions or to the Sufi mystic who is detached from worldly wealth.

उदाहरण

उनकी शान-ए-इस्तिग़्ना ने हर दुआ को बेअसर कर दिया।

दरवेश का इस्तिग़्ना ही उसकी सबसे बड़ी सल्तनत है।

समानार्थी

बेनियाज़ीबेपरवाहीतग़ाफ़ुललापरवाही

संबंधित शब्द

मुस्तग़्नीग़नीग़िना
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