शब्दार्थ
इज़्ज़त
izzat
hinoun
अर्थ
मान-सम्मान, प्रतिष्ठा, आदर या वक़ार।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'इज़्ज़त' का अर्थ मान-सम्मान, स्वाभिमान या वक़ार है। प्रस्तुत शेर में यह महबूब की नज़र में आशिक़ की क़द्र न होने को प्रकट करता है। यहाँ यह दर्शाया गया है कि प्रेम की दुनिया में सामाजिक प्रतिष्ठा निरर्थक हो जाती है और आशिक़ को केवल रुसवाई मिलती है।
व्युत्पत्ति
Arabic عِزَّة (ʿizzah), derived from the root ʿ-z-z, signifying strength, prestige, or glory.
प्रयोग
In ghazals, 'izzat' is often juxtaposed with 'khwārī' or 'rusvāī' to illustrate the lover's complete abandonment of conventional pride and social standing.
उदाहरण
कू-ए-जानाँ में इज़्ज़त गँवा बैठे
न इज़्ज़त की परवाह न रुसवाई का डर
समानार्थी
आबरूवक़ारहुरमतएहतिराम
संबंधित शब्द
अज़ीज़इज़्ज़तदारबे-इज़्ज़तीमुअज़्ज़ज़
