शब्दार्थ
इंफ़िआ'ल
infi'āl
अर्थ
शर्मिंदगी, लज्जा, पश्चाताप या संकोच।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू-फ़ारसी शायरी में 'इंफ़िआल' का मुख्य अर्थ गहरी शर्मिंदगी, लज्जा या पश्चाताप होता है। यह महबूब या ईश्वर के समक्ष अपनी कमियों पर होने वाले आत्म-संकोच को दर्शाता है। प्रस्तुत शे'र में यह 'अरक़-ए-इंफ़िआल' (शर्म का पसीना) के मुहावरे में आया है, जहाँ आशिक़ अपने अस्तित्व को शराब की तरह अपनी ही शर्मिंदगी की बूँदें बताता है।
व्युत्पत्ति
Arabic root ف-ع-ل (f-'-l); Form VII verbal noun 'infi'āl' denoting passivity, reaction, or being deeply affected (hence mortification or shame).
प्रयोग
In the ghazal, it is most celebrated in the genitive compound 'araq-e-infi'āl' (sweat of remorse), symbolizing unbearable guilt or extreme humility before the beloved.
उदाहरण
अरक़-ए-इंफ़िआल से तर-ब-तर होना।
दिल में इंफ़िआल और ख़जालत का असर।
