शब्दार्थ

इंकार

inkaar

hinoun, masculine

अर्थ

अस्वीकृति, मनाही, खंडन या न मानना।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'इंकार' का अर्थ किसी बात को न मानना, अस्वीकार करना या मना करना है। इस शे'र में इसका प्रयोग सत्य या ईश्वरीय संकेतों की अस्वीकृति के संदर्भ में हुआ है, जिसे विरोधाभासी रूप से 'इक़रार' में बदलते दिखाया गया है। यह शब्द अक्सर इक़रार के विलोम के रूप में गज़ल की तार्किक और दार्शनिक बुनावट में आता है।

व्युत्पत्ति

Arabic origin; verbal noun (Form IV) from the root ن-ك-ر (n-k-r), meaning to disavow, ignore, or deny.

प्रयोग

In the ghazal tradition, 'inkaar' frequently appears paired with 'iqraar' to highlight the paradoxical nature of love and belief.

उदाहरण

तिरे इंकार में भी इक इक़रार छुपा था

न इंकार की गुंजाइश रही न इक़रार की

समानार्थी

अस्वीकारमनाहीखंडन

संबंधित शब्द

इक़रारमुनकिरनफ़ी
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