शब्दार्थ
आहु
aahu
hinoun
अर्थ
हिरण, मृग, कस्तूरी-मृग
विस्तार
उर्दू और फ़ारसी शायरी में 'आहू' (या आहु) से मुराद हिरण या कस्तूरी-मृग है, जो अपनी खूबसूरती और सुवासित नाभि के लिए जाना जाता है। इस शे'र में यह तातार के मरुस्थल के कस्तूरी-मृग के संदर्भ में आया है, जिसकी कस्तूरी माशूक़ की ज़ुल्फ़ों की महक से उपमित है।
व्युत्पत्ति
Persian (آهو, āhu), historically derived from Proto-Iranian / Old Iranian *āsu- ('swift').
प्रयोग
In ghazal poetics, 'aahu' is a conventional metaphor both for timid, graceful beauty (especially enchanting eyes) and for the source of musk.
उदाहरण
आहू-ए-सहरा की तरह वह वादियों में गुमसुम फिरता रहा।
चश्म-ए-आहू की चमक ने आशिक़ को दीवाना बना दिया।
समानार्थी
ग़ज़ालामृगहरिनचिंकारा
संबंधित शब्द
आहू-ए-हरमनाफ़ादश्तमुश्क
