शब्दार्थ
आहों
Āhoñ
hinoun (feminine plural, oblique
अर्थ
दुख, विरह या पीड़ा से निकली गहरी साँसें या कराहें।
विस्तार
यह शब्द 'आह' का तिर्यक बहुवचन रूप है, जिसका आशय वियोग और वेदना से भरी गहरी साँसों से है। प्रस्तुत शेर में मीर अपनी आहों को दहकते हुए शोलों के रूप में चित्रित करते हैं जो रात भर जलते रहे। यह आंतरिक विरह-अग्नि प्रेमी के अस्तित्व को भस्म कर प्रातःकाल केवल मुश्त-ए-ग़ुबार (मुट्ठी भर धूल) बना देती है।
व्युत्पत्ति
From Persian 'āh' (آہ), expressing sorrow or a deep sigh.
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, 'āh' is conventionally portrayed as fiery (āh-e-ātishbār) with the power to burn down entire worlds or consume the lover himself.
उदाहरण
आहों का असर
सर्द आहों का धुआँ
समानार्थी
कराहोंनालोंफ़ग़ाँसर्द साँसों
संबंधित शब्द
आहशोलानालासोज़
