शब्दार्थ

आशोब

Aashoob

hinoun

अर्थ

उपद्रव, भारी उथल-पुथल, बखेड़ा या विपत्ति।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'आशोब' का प्रयोग भीषण अशांति, उपद्रव या हृदय के तीव्र तहलके के लिए होता है। प्रस्तुत शेर में यह उन विनाशकारी संकटों और आफ़तों की ओर संकेत करता है, जिन्हें आशिक़ कई बार देख और भुगत चुका है। यह शब्द बाह्य प्रलयकारी परिस्थितियों के साथ-साथ आंतरिक विरह और पीड़ा को भी व्यक्त करता है।

व्युत्पत्ति

Persian (آشوب), derived from the infinitive 'āshūftan' (آشفتن), meaning to disturb, agitate, or throw into confusion.

प्रयोग

Commonly deployed in the ghazal to equate intense inner heartache with catastrophic public unrest, and famously used in the poetic genre 'shahr-aashoob' to lament the ruin of a city.

उदाहरण

दिल में बर्पा है इक नया आशोब

शहर-ए-तमन्ना आशोब-ए-ग़म से वीरान हुआ

समानार्थी

हंगामाफ़ित्नाबलातूफ़ान

संबंधित शब्द

आशुफ़्ताशहर-आशोबआशोब-ए-दहर
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