शब्दार्थ
आशुफ़्ता-बयानी
aashufta-bayaani
अर्थ
व्याकुलता या दीवानेपन से भरी बात; अस्त-व्यस्त बयान।
विस्तार
'आशुफ़्ता-बयानी' का अर्थ है अत्यधिक दुख, वियोग या दीवानगी के आलम में की जाने वाली बेतरतीब और व्याकुल बातें। प्रस्तुत शेर में शायर कहता है कि उसके जाने के बाद दोस्तों के पास याद करके रोने के लिए केवल उसकी बदहवास और दर्द से भरी बातें ही होंगी। यह शास्त्रीय शायरी में प्रेमी के आंतरिक बिखराव और मानसिक उथल-पुथल का परिचायक है।
व्युत्पत्ति
Persian compound: 'āshuftah' (disturbed, bewildered) + Arabic 'bayān' (utterance, explanation) + Persian abstract noun suffix '-ī'.
प्रयोग
In classical Urdu poetry, it characterizes the delirious, uninhibited utterance of the grief-stricken lover whose emotional distress shatters disciplined speech.
उदाहरण
आशुफ़्ता-बयानी ही मिरी दास्तान बन गई
इश्क़ में आशुफ़्ता-बयानी का भी अजब अंदाज़ है
