शब्दार्थ

आश्कार

āshkār

hiadjective

अर्थ

प्रकट, प्रत्यक्ष, ज़ाहिर, सबके सामने खुला हुआ।

विस्तार

इस शब्द का अर्थ किसी छिपी हुई चीज़ का सामने आ जाना या प्रत्यक्ष होना है। सूफ़ी और शास्त्रीय शायरी में यह ईश्वरीय सौंदर्य या सत्य के प्रकटीकरण का प्रतीक है। इस शेर में यह 'हिजाब' (परदे) के विलोम के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जहाँ ख़ुद को ज़ाहिर करने या प्रेमी के अस्तित्व को उजागर करने का आग्रह है।

व्युत्पत्ति

Persian (آشکار / āshkār), meaning manifest, open, or evident.

प्रयोग

In ghazal poetry, it is frequently contrasted with 'निहाँ' (hidden) or 'हिजाब' (veil) to depict the dialectic of divine concealment and revelation.

उदाहरण

राज़-ए-दिल हो गया सर-ए-बाज़ार आश्कार

तिरी नज़र से हर इक बात आश्कार हुई

समानार्थी

ज़ाहिरअयाँहुवैदाप्रकट

संबंधित शब्द

आश्काराहिजाबज़ुहूरतजल्ली
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