शब्दार्थ
आवरण
āvaraṇ
hinoun
अर्थ
पर्दा, खोल, वस्त्र या छिपाने वाला आवरण।
विस्तार
काव्य में यह बाह्य आवरण, परदे या लौकिक रूप को दर्शाता है जो परम सत्य को छिपाए रखता है। इक़बाल के इस प्रसिद्ध शेर के अनुवाद में यह 'लिबास-ए-मजाज़' (लौकिक वेश) के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है, जहाँ प्रतीक्षित सत्य से साकार रूप धारण करने की विनती की गई है। यह आध्यात्मिक सत्य और भौतिक संसार के द्वंद्व को प्रकट करता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit root 'वृ' (vṛ, to cover, enclose) with prefix 'आ' (ā-).
प्रयोग
In mystical and philosophical poetry, it frequently symbolizes the illusion of the material world that veils the divine beloved.
उदाहरण
सत्य जब रूपक के आवरण में मुस्कुराया।
उठा दे आवरण ताकि दीदार मुमकिन हो सके।
समानार्थी
पर्दाहिजाबलिबासघूँघट
संबंधित शब्द
अनावृतनिरावरणरूपकप्रकट
