शब्दार्थ

आवारगान

aawaargaan

hinoun

अर्थ

भटके हुए लोग, दर-ब-दर फिरने वाले प्रेमी

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'आवारगान' से आशय उन दीवानों या प्रेमियों से है जो इश्क के जुनून में दर-ब-दर भटकते रहते हैं। प्रस्तुत शे'र में 'आवारगान-ए-इश्क़' प्रेम में तबाह हुए भटकने वालों को दर्शाता है जिनका वजूद आख़िरकार मुट्ठी भर धूल बनकर हवा में बिखर गया। यह शब्द विरह, फ़क़ीरी और सांसारिक मोह से मुक्ति की पराकाष्ठा को व्यक्त करता है।

व्युत्पत्ति

Persian: plural of 'āwāra' (wanderer, vagrant) formed with the animate plural suffix '-gān'.

प्रयोग

Frequently combined in an izafat construction like 'aawaargaan-e-ishq' to romanticize the mad wanderer (Majnun archetype) in the ghazal tradition.

उदाहरण

आवारगान-ए-कू-ए-बुताँ का कोई ठौर नहीं।

सबा ने आवारगान-ए-वफ़ा की ख़ाक भी उड़ा दी।

समानार्थी

सहरा-नशींदर-ब-दरखाना-बदोश

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आवारगीआवारासरगर्दां
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