शब्दार्थ
आवारा-गर्द
āwārā-gard
hinoun / adjective
अर्थ
दर-ब-दर भटकने वाला, घुमक्कड़, आवारा घूमने वाला।
विस्तार
यह शब्द ऐसे व्यक्ति को दर्शाता है जो बिना किसी मंज़िल के गलियों में भटकता फिरता है। शास्त्रीय उर्दू शायरी में यह महबूब की गली में दीवाने आशिक़ की तड़प और भटकाव का प्रतीक बनता है। प्रस्तुत शे'र में शायर अपने अतीत की बेचैन भटकन को वर्तमान की अशक्त और ठहरी हुई लाचारी के मुक़ाबले में याद करता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound of 'āwāra' (homeless, destitute) and 'gard' (from 'gardīdan', to turn or wander).
प्रयोग
In classical ghazal poetry, it evokes the distraught lover wandering endlessly in pursuit of the beloved.
उदाहरण
कूचा-ए-यार में आवारा-गर्द फिरना
आवारा-गर्द हवाओं का कोई ठिकाना नहीं
समानार्थी
दर-ब-दरसहरा-नवरदखाना-बदोशघुमक्कड़
संबंधित शब्द
आवाराआवारा-गर्दीकूचा-गर्दगर्दिश
