शब्दार्थ

आलम-फ़रोज़

ālam-faroz

hiadjective

अर्थ

संसार को प्रकाशित या रोशन करने वाला।

विस्तार

यह एक सामासिक विशेषण है जिसका अर्थ समस्त जगत को चमकाने या प्रकाशित करने वाला है। प्रस्तुत शेर में यह माशूक़ के रोशन मुखड़े ('रुख़') की तारीफ़ में आया है, जिससे दिन का उजाला बनता है और बिखरी ज़ुल्फ़ों से रात। शास्त्रीय शायरी में इसका प्रयोग महबूब के चेहरे, सूर्य या ईश्वरीय नूर के लिए होता है।

व्युत्पत्ति

Arabic 'ālam' (world, universe) + Persian 'faroz' (present stem of 'afrōkhtan', to kindle, ignite, or illuminate).

प्रयोग

In classical ghazal, it is predominantly prefixed via izafat to words like 'rukh', 'chehra', or 'aql' to evoke transcendent light and beauty.

उदाहरण

रुख़-ए-आलम-फ़रोज़ की एक झलक

शम्अ-ए-आलम-फ़रोज़ का उजाला

समानार्थी

जहाँ-ताबजहाँ-अफ़रोज़आलम-ताब

संबंधित शब्द

आलमफ़रोज़ाँरुख़नूर
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