शब्दार्थ

आलम-आराई

ālam-ārā'ī

hinoun

अर्थ

संसार की शोभा बढ़ाना या दुनिया को सजाना।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'आलम-आराई' का आशय पूरी कायनात को सजाने, संवारने या प्रकाशित करने से है, जो अक्सर ईश्वर के नूर या माशूक़ के हुस्न से संबंधित होता है। प्रस्तुत शेर में यह इस नश्वर संसार की उस चकाचौंध और अद्भुत साजो-सज्जा को दर्शाता है जो मिट्टी के पुतलों (इंसानों) को विस्मय में डालती है।

व्युत्पत्ति

Arabic 'ālam' (world, realm) + Persian root 'ārā' (from ārāstan, to adorn) with the Persian abstract noun suffix '-ī'.

प्रयोग

Commonly employed in the ghazal to praise the cosmic, world-illuminating glory of the beloved or the splendor of dawn.

उदाहरण

सुब्ह की आलम-आराई ने हर ज़र्रे को चमका दिया।

हुस्न की आलम-आराई देख कर अक़्ल हैरान रह गई।

समानार्थी

जहाँ-आराईज़ीनत-ए-आलमसंसार-सज्जा

संबंधित शब्द

आलमआराआलम-आराआलम-अफ़रोज़
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