शब्दार्थ
आरज़ू-ख़िरामी
aarzoo-khiraami
hinoun
अर्थ
इच्छाओं की चाल; तमन्नाओं के पीछे भटकने की क्रिया।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू काव्य में 'ख़िरामी' चाल अथवा रफ़्तार को कहते हैं और 'आरज़ू-ख़िरामी' इच्छाओं के पीछे चलने या भटकने का भाव है। इस शेर में शायर तमन्नाओं के पीछे भागने वाली इस वृत्ति को संबोधित करते हुए किसी भी लाभ की उम्मीद छोड़ देने को कहता है। यह दिली पीड़ा और आँसुओं के तूफ़ान में उम्मीदों की व्यर्थता को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Persian compound formed from 'ārzū' (desire, longing) and 'xirām' (graceful gait, pacing) with the abstract noun suffix '-ī'.
प्रयोग
In classical ghazals, abstract compounds like this are frequently personified using the vocative particle 'ai' to address the restless impulses of the human heart.
उदाहरण
आरज़ू-ख़िरामी का ये अंजाम न था
दम तोड़ गई आरज़ू-ख़िरामी राह में
समानार्थी
शौक़-ए-सैरतमन्ना-परवाज़ीहसरत-रवानी
संबंधित शब्द
आरज़ूख़िरामरफ़्तारहसरत
