शब्दार्थ
आरिज़
Aariz
hinoun, masculine
अर्थ
गाल, कपोल, रुख़सार।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू-फ़ारसी शायरी में 'आरिज़' का अर्थ गाल या कपोल होता है, जिसे सौंदर्य, आभा और कोमलता का केंद्र माना जाता है। इस शेर में 'आरिज़-ए-गुल' (गुलाब का कपोल) को देखकर आशिक़ को अपने महबूब के रोशन चेहरे की याद आ जाती है। यह लफ़्ज़ प्रायः हुस्न के बयान में नाज़ुकी और रंगत को दर्शाने के लिए आता है।
व्युत्पत्ति
Arabic (عارض), from the triconsonantal root ‘-r-ḍ (ع-ر-ض), fundamentally meaning that which appears, is presented, or forms the side/profile of the face.
प्रयोग
Frequently compounded in ghazals as 'aariz-e-gul' (rose-cheek) or compared to a mirror to highlight radiant, glowing beauty.
उदाहरण
आरिज़-ए-नाज़ुक पर शबनम की चमक
आरिज़-ए-गुल से रश्क खाता हुआ चेहरा
समानार्थी
रुख़सारकपोलगाल
संबंधित शब्द
ज़ुल्फ़लबरूचश्म
