शब्दार्थ

आराई

ārāī

hinoun

अर्थ

सजावट, संवारना, अलंकृत करने का काम या रूप-सज्जा।

विस्तार

शास्त्रीय काव्य में 'आराई' का आशय किसी वस्तु को संवारने, सजाने या सुव्यवस्थित करने से है। इस शे'र में यह 'नुक़्ता-आराई' (बिंदु सजाने की कला) के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जहाँ क़त्ल होते आशिक़ की पुतली के सयाह बिंदु को काग़ज़ पर संवारे गए बेहतरीन नुक़्ते की उपमा दी गई है। यह शब्द पीड़ा और विवशता को भी एक कलात्मक सौंदर्य प्रदान करता है।

व्युत्पत्ति

Persian, derived from the infinitive 'ārāstan' (to decorate, adorn) through the present stem 'ārāy' with the abstract noun suffix '-ī'.

प्रयोग

In the ghazal tradition, it most frequently appears as a verbal noun forming Persian compounds (such as bazm-ārāī, mahfil-ārāī, or nuqta-ārāī) to describe the elegant presentation of an assembly or written verse.

उदाहरण

बज़्म-आराई का हर अंदाज़ निराला था

नुक़्ता-आराई-ए-क़लम ने जादू जगाया

समानार्थी

सजावटज़ेबाइशआरास्तगीसिंगार

संबंधित शब्द

आरास्ताबज़्म-आराईनुक़्ता-आराईआरा
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