शब्दार्थ

आतिश-गुल

aatish-e-gul

hinoun phrase

अर्थ

गुलाब की आग या दहकती हुई लाली।

विस्तार

क्लासिकल उर्दू शायरी में 'आतिश-ए-गुल' गुलाब की दहकती हुई लाली और उसके शोले जैसे हुस्न का रूपक है। इस शेर में यह माशूक़ के हुस्न की उस आग को दर्शाता है जिसने आशिक़ को सिर से पैर तक जलाकर धुआँ बना दिया है। यही धुआँ फिर संबुल के फूलों से बराबरी का दावा करता है।

व्युत्पत्ति

Persian: compound of 'ātash' (fire) and 'gul' (rose/flower), grammatically joined by izāfat.

प्रयोग

It is a quintessential Persianate trope used in ghazals to liken the intense color of a rose to fire that can burn its admirers.

उदाहरण

आतिश-ए-गुल ने चमन को रोशन कर दिया।

शौक़-ए-आतिश-गुल में आशिक़ ख़ाक हुआ।

समानार्थी

शोला-ए-गुलरंग-ए-गुल

संबंधित शब्द

गुलआतिशशोलादूद
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