शब्दार्थ
आजिज़ी
‘ājizī
hinoun
अर्थ
नम्रता, विनय, दीनता या लाचारी।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'आजिज़ी' का भावार्थ दीनता, विनम्रता और समर्पण से है। इस शेर में यह झुकने और नम्र होने के उस नैतिक व आध्यात्मिक गुण को दर्शाती है, जिसे फलक से भी श्रेष्ठ रुतबा हासिल है। यहाँ इसे बाह्य लाचारी नहीं बल्कि सर्वोच्च बड़प्पन माना गया है।
व्युत्पत्ति
Arabic root ‘-j-z (عجز, meaning inability or weakness) combined with the Persian abstract suffix -ī.
प्रयोग
In ghazals, it frequently highlights the lover's devoted supplication and self-abasement against the cruelty and grandeur of the beloved.
उदाहरण
मेरी आजिज़ी पे भी उनका करम नहीं होता
हुस्न के सामने ये आजिज़ी काम आई
समानार्थी
इंकिसारीफ़रोतनीदीनताहक़ीरी
संबंधित शब्द
आजिज़इंकिसारफ़रोतनी
