शब्दार्थ
आग़ोश-कुशाई
āgosh-kushā.ī
hinoun
अर्थ
आलिंगन के लिए बाहें फैलाना; गले लगाने का कार्य।
विस्तार
यह एक फ़ारसी सामासिक संज्ञा है जिसका अर्थ किसी के स्वागत या आलिंगन के लिए बाँहें खोलना है। प्रस्तुत शे'र में कली के खिलकर फूल बनने को बाग़ द्वारा प्रियतम के स्वागत में बाँहें फैलाने के रूप में चित्रित किया गया है। यह उत्कंठा, प्रेम और सहर्ष समर्पण का भाव प्रकट करता है।
व्युत्पत्ति
Persian: composed of 'āgosh' (bosom, embrace, lap) and 'kushā' (present stem of 'kushūdan', to open) with the abstract noun suffix '-ī'.
प्रयोग
In classical ghazal, it is a refined poetic conceit often employed to metaphorically describe flowers opening or the lover's yearning receptivity.
उदाहरण
गुलशन में कली का खिलना आग़ोश-कुशाई का मंज़र पेश करता है।
तेरी आमद की ख़बर पर हर गोशा आग़ोश-कुशाई में मसरूफ़ दिखा।
समानार्थी
बग़ल-गीरीहम-आग़ोशीआलिंगन
संबंधित शब्द
आग़ोशकुशादाकुशाईहम-आग़ोश
