शब्दार्थ
आख़िरत
ākhirat
hinoun
अर्थ
परलोक, मृत्यु के बाद का जीवन, उक़्बा।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'आख़िरत' का तात्पर्य मरणोपरांत मिलने वाले परलोक या शाश्वत जीवन से है। प्रस्तुत शे'र में यह उस अंतिम सफ़र की ओर संकेत करता है जिसके लिए मुसाफ़िर को रूहानी पाथेय (तोशा) जुटाने की चिंता लगी है। यह सांसारिक नश्वरता और अंतिम जवाबदेही के बोध को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic (آخِرَة / ākhirah), from the root ء-خ-ر (ʾ-kh-r) meaning 'last', 'end', or 'rear'.
प्रयोग
In ghazal poetry, 'ākhirat' is commonly contrasted with 'dunyā' to emphasize the fleeting nature of worldly existence.
उदाहरण
फ़िक्र-ए-आख़िरत में गुज़री ज़िंदगी
दुनिया फ़ानी है और आख़िरत लाज़वाल
समानार्थी
उक़्बाआक़िबतपरलोक
संबंधित शब्द
दुनियातोशाहश्रसफ़र
