शब्दार्थ
आक़िबत-कार
āqibat-kār
hiadverb / noun
अर्थ
अंततः, आख़िरकार या अंतिम परिणाम।
विस्तार
यह अरबी-फ़ारसी सामासिक पद किसी स्थिति के अंतिम परिणाम अथवा 'आख़िरकार' के अर्थ में प्रयुक्त होता है। प्रस्तुत शेर में यह प्रेम के अंतिम अंजाम को दर्शाता है, जिसके प्रति प्रेमी महबूब की शुरुआती बेपरवाही देखकर चिंतित हो जाता है। इसमें सांसारिक परिणाम के साथ-साथ भविष्य या आख़िरत के अंजाम की गूँज भी शामिल है।
व्युत्पत्ति
Arabic 'āqibah (عاقبة, end/afterlife) + Persian kār (کار, affair/deed).
प्रयोग
Commonly used in classical ghazal to ponder with foreboding or resignation over the eventual tragic fate of the lover.
उदाहरण
आक़िबत-कार क्या होगा इस दिल-ए-बेक़रार का
आक़िबत-कार सबको अपने अंजाम तक पहुँचना है
समानार्थी
आख़िरकारअंजाम-ए-कारबिल-आख़िर
संबंधित शब्द
आक़िबतकारअंजामफ़िक्र-ए-आक़िबत
