शब्दार्थ
असारा
asārā
hinoun, plural
अर्थ
क़ैदी, बंदीगण या पाश में बंधे हुए लोग।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में 'असारा' का अर्थ बंदियों अथवा प्रेम-पाश में जकड़े हुओं से है। यह अरबी शब्द 'असीर' का बहुवचन है, जो विरह या सांसारिक बंधनों के क़ैदियों की विवशता को दर्शाता है। इसका प्रयोग प्रायः रहस्यवादी, गज़ल या मर्सिया शायरी में ज़ंजीर और क़फ़स के संदर्भ में होता है।
व्युत्पत्ति
Arabic أُسَارَى (usārā / asārā), broken plural of أَسِير (asīr, captive).
प्रयोग
Commonly employed in classical Urdu ghazal and marsiya to describe the torment of helpless lovers or martyrs bound in chains.
उदाहरण
क़फ़स के गोशे में रोते रहे असारा-ए-मोहब्बत।
ज़ंजीर-ए-सितम में जकड़े असारा की सदा आई।
समानार्थी
क़ैदीमहबूसअसीरान
संबंधित शब्द
असीरक़फ़सज़ंजीरदाम
