शब्दार्थ
अरक़-नाक
araq-naak
hiadjective
अर्थ
पसीने से तर-ब-तर, शर्मिंदगी से पसीना-पसीना।
विस्तार
यह शब्द 'अरक़' (पसीना) और प्रत्यय 'नाक' (युक्त) का सम्मिश्रण है, जिसका अर्थ पसीने से भीगा होना है। शायरी में पसीना आना अक्सर अत्यधिक लज्जा, शर्म या किसी के अप्रतिम तेज के सामने पराजित होने का प्रतीक होता है। इस शेर में आंसुओं की अलौकिक चमक तारों को इतना लज्जित कर देती है कि वे पसीने से तर हो जाते हैं।
व्युत्पत्ति
Arabic 'araq' (sweat) + Persian suffix '-nāk' (full of, marked by).
प्रयोग
In classical verse, it commonly evokes modesty or metaphorical defeat when someone or something is hopelessly outshone.
उदाहरण
हया की शिद्दत से उसका रुख़्सार अरक़-नाक हो गया।
सुब्ह के वक़्त गुल की जबीं अरक़-नाक दिखाई दी।
समानार्थी
अरक़-आलूदपसीना-पसीनाशर्मसार
संबंधित शब्द
अरक़अरक़-रेज़ीशबनमख़जालत
