शब्दार्थ
अर्से
'arse
अर्थ
समय, मुद्दत; खुला मैदान, संसार रूपी विस्तार।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'अरसा' का प्रयोग सामान्यतः अवधि या मुद्दत के लिए होता है, परंतु इसका एक अर्थ खुला मैदान या विस्तार भी है। प्रस्तुत शे'र में 'अर्से' से अभिप्राय इस संसार रूपी मैदान या समाज के विस्तार से है, जहाँ चारों ओर मनुष्य कम और मूर्ख अधिक नज़र आते हैं। यह शब्द काल और स्थान दोनों के परिप्रेक्ष्य को समेटे हुए है।
व्युत्पत्ति
Arabic 'arṣah (عَرْصَة), meaning an open area, courtyard, or plain; later developed in Persian and Urdu to mean a duration or period of time.
प्रयोग
While commonly used for duration in everyday Urdu, ghazal poets frequently employ it as a spatial metaphor for the battlefield or the wide arena of life.
उदाहरण
इक मुद्दत से, इक अर्से से तेरी कोई ख़बर न आई।
अर्सा-ए-हयात में हर कोई अपने रंज में मुब्तला है।
