शब्दार्थ
अर्ज़-ज़ौक़
arz-zauq
hinoun phrase
अर्थ
शौक़, चाहत या ललक का इज़हार अथवा प्रदर्शन।
विस्तार
यह शब्द 'अर्ज़' (प्रकटीकरण या निवेदन) और 'ज़ौक़' (रुचि, स्वाद या चाहत) के मेल से बना है। शास्त्रीय ग़ज़ल में यह दिली जज़्बे और तमन्ना के इज़हार के अर्थ में आता है। प्रस्तुत शेर में यह माशूक़ के हाथ से क़त्ल होने के चाव और ललक के इज़हार को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Arabic: 'ʿarḍ' (عرض - presentation, display) + Arabic: 'dhawq' (ذوق - taste, relish, inclination).
प्रयोग
Commonly used in classical ghazals to evoke the lover's active desire to endure the trials and ecstasy of love.
उदाहरण
अर्ज़-ए-ज़ौक़-ए-दीद में गुज़री तमाम रात
लब पर था अर्ज़-ए-ज़ौक़ और दिल में इंतिज़ार
समानार्थी
इज़हार-ए-शौक़इज़हार-ए-तमन्नाबयान-ए-ज़ौक़
संबंधित शब्द
अर्ज़-ए-हालज़ौक़-ए-तलबज़ौक़-ए-क़त्लइश्तियाक़
