शब्दार्थ
अपने-आप
apne-āp
hipronoun
अर्थ
स्वयं, खुद, अपनी हस्ती या निजता।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'अपने-आप' आंतरिक चेतना, रूह या निजत्व का बोध कराता है। प्रस्तुत शे'र में इक़बाल अपनी हस्ती और ख़ुदी की तलाश को व्यक्त करते हैं। यहाँ साधक खुद को ही मुसाफ़िर और अपनी ही ज़ात को मंज़िल पाता है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit आत्मन् (ātman) through Prakrit अप्प (appa), yielding Hindustani आप (āp) and its reflexive oblique compound.
प्रयोग
Commonly used in introspective and mystic ghazals to evoke themes of solitude, self-knowledge, or alienation from the world.
उदाहरण
अपने-आप से बे-ख़बर होना
अपने-आप में गुम रहना
समानार्थी
ख़ुदस्वयंआप
संबंधित शब्द
ख़ुदीज़ातहस्ती
