शब्दार्थ
अन्क़ा
'anqā
hinoun
अर्थ
एक काल्पनिक दुर्लभ पक्षी; जो अप्राप्य या अदृश्य हो।
विस्तार
शास्त्रीय अरबी और फ़ारसी परंपरा में अन्क़ा एक ऐसा पौराणिक पक्षी है जिसका केवल नाम है पर अस्तित्व नहीं। उर्दू शायरी में यह किसी अत्यंत दुर्लभ, अदृश्य या अस्तित्वहीन वस्तु का प्रतीक है। इस शे'र में शायर ने 'नाले' (फ़रियाद) को इस दुनिया का अन्क़ा कहा है, यानी उसकी अभिव्यक्ति असंभव या अदृश्य है।
व्युत्पत्ति
Arabic 'anqā' (عَنْقَاء), feminine of a'naq (long-necked), denoting a fabulous bird.
प्रयोग
In the ghazal tradition, 'Anqa is frequently used as a metaphor for an unattainable beloved or a phantom-like, nonexistent entity.
उदाहरण
नाम का होना मगर वजूद अन्क़ा होना
ढूँढते हैं जिसे सब वो परिंदा अन्क़ा है
समानार्थी
सीमुरग़ना-पैदनायाब
संबंधित शब्द
हुमासीमुरग़क़ाफ़ना-पैद
