शब्दार्थ
अड़े
aṛe
hiverb
अर्थ
अड़ता है, रुका रहता है; शास्त्रीय संदर्भ में उड़ता है।
विस्तार
यह 'अड़ना' क्रिया का रूप है, जिसका अर्थ ज़िद करना, ठहर जाना या अटका रहना है। मीर तक़ी 'मीर' के इस शेर में 'اڑے ہے' को शास्त्रीय रूप से 'उड़े है' (धूल का उड़ना) भी समझा जाता है, जो बहते पानी के बरक्स प्रयुक्त हुआ है। यह शेर सांसारिक अस्तित्व और देह (आब-ओ-गिल) की चंचलता और अस्थिरता को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit 'aṭṭa' (to obstruct) evolved into Prakrit and Hindi/Urdu 'aṛnā'; graphically identical in Nastaliq with 'uṛnā' (from Sanskrit 'uḍḍī').
प्रयोग
In classical Urdu poetry, the construction verb + 'e hai' represents an archaic present habitual tense, equivalent to modern 'aṛtā hai' or 'uṛtā hai'.
उदाहरण
राह में जब वो अड़े तो सारा कारवाँ रुकने लगा
दिल किसी बात पे यूँ अड़े तो कोई क्या करे
समानार्थी
अटकारुकाज़िद्दी
संबंधित शब्द
अड़नाअड़ियलअड़
