शब्दार्थ

अज़-खुद-गुज़श्तगी

az-khud-guzashtagi

hinoun

अर्थ

आत्म-विस्मृति, बेख़ुदी या स्वयं से परे जाने की स्थिति।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में यह शब्द आत्म-चेतना के लोप और बेख़ुदी की पराकाष्ठा को व्यक्त करता है। प्रस्तुत शे'र में यह ऐसी दशा को दर्शाता है जहाँ अपने अस्तित्व से बेख़बर होने पर ख़ामोश रहना भी दोषारोपण का कारण बन जाता है।

व्युत्पत्ति

Persian compound of 'az' (from), 'khud' (self), and 'guzashtagi' (passing beyond/transcendence, derived from guzashtan).

प्रयोग

Commonly used in philosophical and Sufi ghazals to signify the dissolution of the ego before the divine or beloved.

उदाहरण

अज़-खुद-गुज़श्तगी का आलम

अज़-खुद-गुज़श्तगी की मंज़िल

समानार्थी

बे-ख़ुदीआत्म-विस्मृतिफ़ना

संबंधित शब्द

ख़ुदीबे-ख़ुदगुज़िश्ता
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