ग़ज़ल

মরিতে চাহি না আমি সুন্দর ভুবনে

مرنے کی آرزو نہیں مجھے اس حسین جہاں میں

यह कविता इस सुंदर दुनिया में, मानवता के बीच जीवित रहने की गहरी इच्छा व्यक्त करती है, मरने के बजाय। वक्ता इस धरती पर अपने प्रियजन के साथ प्रेमपूर्वक अनन्त काल तक रहना चाहता है, और प्रतिदिन सुबह से रात तक एक अच्छा जीवन जीने का संकल्प लेता है।

गीत सुनें
लिपि व अर्थ
1
মরিতে চাহি না আমি সুন্দর ভুবনে, মানবের মাঝে আমি বাঁচিবারে চাই॥
मैं इस सुन्दर संसार में मरना नहीं चाहता; मैं मनुष्यों के बीच जीना चाहता हूँ।
2
চিরদিন আপনার মনের মানুষ লয়ে, এই পৃথিবীতে থাকি ভালোবেসে॥
अपने मन के व्यक्ति के साथ सदा, इस पृथ्वी पर प्रेमपूर्वक रहूँ।
3
সকালে উঠিয়া আমি মনে মনে বলি, সারাদিন আমি যেন ভালো হয়ে চলি॥
सुबह उठकर मैं अपने मन में कहता हूँ, 'पूरे दिन मैं अच्छे से व्यवहार करूँ'।
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