Sukhan AI
Thy infinite gifts come to me only on these very small hands of mine.
Ages pass, and still thou pourest, and still there is room to fill.

Thy infinite gifts come to me only on these very small hands of mine. Ages pass, and still thou pourest, and still there is room to fill.

रवींद्रनाथ टैगोर
अर्थ

कवि स्वीकार करता है कि ईश्वर के अनंत उपहार उसके छोटे हाथों में ही समा पाते हैं। सदियां बीत जाती हैं और ईश्वर लगातार देता रहता है, फिर भी ग्रहण करने के लिए हमेशा जगह बनी रहती है।

विस्तार

यह दोहा ब्रह्मांड या किसी दिव्य शक्ति की अनंत उदारता और हमारी ग्रहण करने की विनम्र क्षमता को खूबसूरती से दर्शाता है। यह बताता है कि हमारी "बहुत छोटी मुट्ठी" के माध्यम से भी, हम पर लगातार अनगिनत उपहारों की वर्षा होती रहती है। समय बीतता जाता है और हम निरंतर प्राप्त करते रहते हैं, फिर भी इन आशीर्वादों का स्रोत कभी समाप्त नहीं होता। हमारे भीतर हमेशा और अधिक ज्ञान, प्रेम और अनुभवों को आत्मसात करने की जगह बनी रहती है। यह जीवन की असीम प्रचुरता और हमारी निरंतर बढ़ती और प्राप्त करने की यात्रा का एक गहरा स्मरण है।

ऑडियो

पाठIn app
हिंदी अर्थIn app
अंग्रेज़ी अर्थIn app
हिंदी विस्तारIn app
अंग्रेज़ी विस्तारIn app
Comments

Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.

0

No comments yet.