“My nine chances lost, the season's joys remained unknown to me;With my dear lord, no game of chess I played; in my heart today, separation's dust I see.”
मैंने अपनी नौ सौकटियाँ (अवसर) गँवा दीं और ऋतु के सुखों का आनंद नहीं ले सकी। मैंने अपने प्रिय के साथ शतरंज नहीं खेला, और आज मेरे हृदय में वियोग का दुख घूम रहा है।
यह दोहा गहरे पछतावे को व्यक्त करता है। वक्ता कहते हैं कि उन्होंने जीवन को पूरी तरह से नहीं जिया, जैसे खेल में अपने प्यादों को मरने दिया और ऋतुओं के सुखों का आनंद नहीं लिया। सबसे बढ़कर, वे इस बात पर दुखी हैं कि उन्होंने अपने प्रिय के साथ समय नहीं बिताया, उनके साथ 'शतरंज' नहीं खेला, जो साझा अनुभवों और अंतरंगता का प्रतीक है। अब, उन अनमोल पलों को न जीने का बोझ, उन अनकही बातों का दुख, उनके हृदय में वियोग और अकेलेपन के गहरे दर्द के रूप में घूम रहा है। यह छूटे हुए अवसरों और 'क्या हो सकता था' के स्थायी दुख का मार्मिक चित्रण है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
