या हाथों हाथ लो मुझे मानिंद-ए-जाम-ए-मय — मीर तक़ी मीर

या हाथों हाथ लो मुझे मानिंद-ए-जाम-ए-मय या थोड़ी दूर साथ चलो मैं नशे में हूँ

“Either bear me from hand to hand like a goblet of wine, or walk beside me for a little way—for I am intoxicated.”

— मीर तक़ी मीर

अर्थ

या तो मुझे शराब के प्याले की तरह हाथों-हाथ ले लो, या फिर थोड़ी दूर मेरे साथ चलो क्योंकि मैं नशे में हूँ।

विस्तार

यहाँ शायर अपनी बेखुदी और भावनात्मक नाज़ुकता को शराब के प्याले से तश्बीह दे रहा है, जिसे अगर हाथों-हाथ संभालकर न थामा जाए तो वह गिरकर टूट सकता है। वह महबूब से बड़ी नज़ाकत और लाड़ से कहता है कि या तो मुझे पूरी शिद्दत से अपनी पनाह में ले लो, या फिर कुछ दूर मेरा हाथ पकड़कर साथ चलो क्योंकि मैं इश्क़ के नशे में डगमगा रहा हूँ। यह शेर अकेलेपन के डर और महबूब के सहारे की एक बेहद मासूम और दिलकश पुकार है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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