कि तलफ़्फ़ुज़ तरब का सुन के कहे
शख़्स होगा कहीं तरब कोई
“Hearing the whisper of the tavern, the person says, Someone somewhere must be in a tavern.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
कि तलफ़्फ़ुज़ तरब का सुन के कहे, शख़्स होगा कहीं तरब कोई। इसका अर्थ है कि अगर कोई व्यक्ति शराबख़ाने (तरब) का ज़िक्र सुन ले, तो वह ज़रूर कहीं न कहीं शराबख़ाने में होगा।
विस्तार
यह शेर भावनाओं की उस अद्भुत शक्ति को बयां करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि अगर किसी ने सिर्फ 'तरब' शब्द सुन लिया, तो वह ख़ुद को कहीं न कहीं उस रूहानी नशा में पा जाएगा। इसका मतलब है कि एहसास इतना गहरा होता है कि बस उसके ज़िक्र से ही हम उसमें डूब जाते हैं। यह शायरी का जादू है!
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