मुझ सा बेताब होवे जब कोई
बे-क़रारी को जाने तब कोई
“When someone becomes restless like me, When someone knows the feeling of unease.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जब कोई व्यक्ति मुझ जैसा बेचैन हो जाता है, या बेचैनी को महसूस करना सीख जाता है।
विस्तार
यह शेर दिल की उस बेचैनी को बयां करता है जो इश्क़ में होती है। मिर्ज़ा तक़ी मीर यहाँ उस बेताबी का ज़िक्र कर रहे हैं जो दिल में उतर जाती है। वह कह रहे हैं कि जब कोई इंसान आप जैसा बेताब हो जाए, या जब किसी के दिल को ये 'बे-क़रारी' का एहसास हो जाए, तो ये एहसास कितना गहरा होता है। यह सिर्फ़ एक एहसास नहीं, यह एक पूरी ज़िंदगी का हाल है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
1 / 9Next →
