कभू जाएगी जो उधर सबा तो ये कहियो उस से कि बेवफ़ा — मीर तक़ी मीर
“When the time comes to go that way, please tell that person that I am unfaithful, but 'Mir' was a broken heart in your fresh garden with thorns.”
अर्थ
कभी जब वह उधर जाएगी, तो उससे यह कहना कि मैं बेवफ़ा हूँ, मगर 'मीर' तो शिकस्तपा (टूटा हुआ दिल) था, तुम्हारे ताज़े बाग़ में काँटों के साथ।
विस्तार
यह शेर दिल टूटने की एक बहुत गहरी और कड़वी सच्चाई बयां करता है। शायर कह रहे हैं कि अगर महबूबा कभी कहीं और चली जाए, तो उसे बता देना कि वह बेवफ़ा है। लेकिन असली दर्द तो इस बात में है कि जहाँ भी वह होगी, उसके खूबसूरत बाग़ में भी, एक काँटा (ख़ार) मौजूद है—जो सिर्फ़ शायर के दिल को चुभता है। यह दर्द कहीं और नहीं, बल्कि हर जगह है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
