मुर्दे न थे हम ऐसे दरिया पे जब था तकिया उस घाट गाह ओ बेगह रहने लगा था जमघट

“We were not like this on the riverbank when the cushion was there; that ghat, oh beloved, had become a gathering place.”

— मीर तक़ी मीर
अर्थ

शायर कह रहा है कि हम इस नदी के किनारे ऐसे नहीं थे जब तकिया रखा गया था; वह घाट, ओ प्रिय, एक जमावड़े की जगह बन गया था।

विस्तार

यह शेर अचानक शांति से त्रासदी में बदल जाने की बात करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि जब वह उस घाट पर आराम करने गए थे, तो सब कुछ शांत था। लेकिन जैसे ही वहाँ लोगों का जमघट लगा, जीवन की चहल-पहल शुरू हुई, और तभी मौतें दिखने लगीं। यह एक गहरा प्रतीक है कि कभी-कभी रौनक और भीड़ के पीछे कितना बड़ा खतरा छिपा होता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठ
हिंदी अर्थ
अंग्रेज़ी अर्थ
हिंदी विस्तार
अंग्रेज़ी विस्तार
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.