कल रात मुँद गई थीं बहुतों की आँखें ग़श से
देखा किया न कर तो सरमस्त ख़्वाब हो कर
“Last night, many eyes were lost in deep sleep's trance, If one didn't look, it would be a dizzying dream.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
कल रात बहुतों की आँखें गहरी नींद के नशा में बंद थीं; अगर किसी ने देखा न होता, तो यह एक मदहोश सपना होता।
विस्तार
यह शेर उस एहसास की बात करता है जो बहुत गहरा और मदहोश करने वाला होता है। शायर कह रहे हैं कि वो पल इतना जादुई था कि जब आँखें बंद हुईं, तो भी वह अनुभव एक मीठे, नशीले ख़्वाब जैसा लगा। यह इश्क़ की उस गहराई को बयां करता है, जहाँ हकीक़त और ख़्याल के बीच कोई फ़र्क़ नहीं रह जाता।
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