वो क्या चीज़ है आह जिस के लिए हर इक चीज़ से दिल उठा कर चले

“Ah, what is that thing for the sake of which / We detached our heart from everything and departed?”

— मीर तक़ी मीर
अर्थ

हाय, वह ऐसी कौन सी चीज़ है जिसके लिए हम दुनिया की हर चीज़ से दिल हटाकर चल दिए?

विस्तार

मीर इस शे'र में एक गहरी आह भरकर ज़िंदगी के सबसे बड़े सवाल को छूते हैं—वह कौन सी चाहत या हक़ीक़त है, जिसके लिए इंसान इस पूरी दुनिया से बेगाना हो जाता है? 'दिल उठा कर चले' का अंदाज़ यह बतलाता है कि दुनिया की हर चीज़ को छोड़ना कोई शिकवा नहीं, बल्कि किसी अनदेखी तलाश का नतीजा है। यह शे'र इश्क़, रूहानी बेचैनी और उस रहस्य की बात करता है जिसके पीछे रूह हमेशा भटकती रहती है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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