लगा आग पानी को दौड़े है तू
ये गर्मी तिरी इस शरारत के बाद
“You set fire to the water, you run, This heat is from your mischief's flow.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
तूने पानी में आग लगाई, और तुम दौड़े हो। ये गर्मी तेरी शरारत के बाद आई है।
विस्तार
यह शेर मुहब्बत की उस उलझन को बयान करता है, जहाँ शांति और तूफ़ान एक साथ होते हैं। शायर कहते हैं कि महबूब की शरारत ने इतनी बड़ी हलचल मचाई है कि पानी में आग लग गई है। यह एक ऐसा विरोधाभास है, जो दिखाता है कि प्यार कितना शक्तिशाली और अनियंत्रित होता है। महबूब का हर नटखट पल, एक तूफान ला देता है।
