कभी शक़ी मुतमत्ता न होंगे दुनिया से जिसे ये आब उसे हम सराब समझे हैं

“The wretched shall never draw delight from this worldly stage; what others take for water, we have known to be a mirage.”

— मीर अनीस
अर्थ

दुर्भाग्यशाली लोग इस दुनिया से कभी सुख या लाभ प्राप्त नहीं कर सकते, क्योंकि जिसे दुनिया वाले पानी समझते हैं, हमने उसे हमेशा एक मृगतृष्णा (धोखा) समझा है।

विस्तार

इस शेर में शायर दुनिया की हक़ीक़त और अपनी बेबसी को बेहद सादगी से बयां कर रहे हैं। आम लोग जिस दुनियावी चमक-दमक और ख़ुशियों को सच्चा सुकून यानी पानी मानकर उनके पीछे भागते हैं, हम जैसे बेबस लोग जानते हैं कि वह महज़ एक छलावा या सराब है। जब इंसान को यह इल्म हो जाए कि दुनिया की हर चीज़ सिर्फ़ एक भ्रम है, तो वह आम लोगों की तरह कभी इन खोखली लज्ज़तों का मज़ा नहीं ले पाता।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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