नुमूद ओ बूद को आक़िल हबाब समझे हैं वो जागते हैं जो दुनिया को ख़्वाब समझे हैं

“The wise regard existence as a fleeting bubble's gleam; only they are truly awake who see this world as a dream.”

— मीर अनीस
अर्थ

बुद्धिमान लोग इस संसार और अस्तित्व को पानी का बुलबुला समझते हैं, और वास्तव में वही जागे हुए हैं जो इस दुनिया को एक स्वप्न मानते हैं।

विस्तार

शायर यहाँ ज़िंदगी और उसकी सारी चमक-दमक (नुमूद-ओ-बूद) को पानी के एक बुलबुले की तरह बताता है, जो एक पल में बनता है और अगले ही पल मिट जाता है। दुनियावी हासिल की होड़ में उलझे लोग असल में बेख़बरी की नींद में हैं, जबकि अक़लमंद वही है जो इस संसार की हक़ीक़त को महज़ एक ख़्वाब की तरह देखता है। यह शेर एक ख़ूबसूरत सच बयां करता है कि असली जागना यही है कि हम दुनिया के इस धोखे को पहचान लें।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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