“Meera's Lord, Giridhar the clever, Is easily found, the Immortal forever.”
मीरा के प्रभु, गिरिधर नागर, जो अविनाशी हैं, वे सहजता से प्राप्त हो जाते हैं।
इस हृदयस्पर्शी पंक्ति में मीराबाई अपने आराध्य भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी गहरी भक्ति व्यक्त कर रही हैं। वे उन्हें 'गिरिधर नागर' कहकर संबोधित करती हैं, जिसका अर्थ है गोवर्धन पर्वत को उठाने वाले चतुर प्रभु। मीराबाई कहती हैं कि उनके प्रभु, जो अविनासी यानी कभी नष्ट न होने वाले हैं, वे सहजता से मिल जाते हैं। यह उनकी अटूट आस्था को दर्शाता है कि सच्चे प्रेम और निष्ठा से भरे भक्तों के लिए ईश्वर की प्राप्ति बिल्कुल भी कठिन नहीं है। यह पंक्ति हमें बताती है कि सच्ची भक्ति से परमात्मा को सरलता से पाया जा सकता है, वे हमेशा एक समर्पित हृदय के निकट होते हैं।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
