“I kept on drinking wine, so no one else would know disgrace, While people say, 'He's ruined, lost in liquor's embrace.'”
शायर शराब पीता रहा ताकि कोई और बदनाम न हो। परंतु, लोग कहते हैं कि वह शराब में बरबाद हो गया है।
यह शेर एक गहरे त्याग की बात करता है। शायर शराब इसलिए पीता रहता है ताकि कोई और बदनाम न हो। वह जानबूझकर खुद पर बदनामी ओढ़ लेता है, ताकि जिस शख्स से उसका रिश्ता है या जिस वजह से उसे दुख है, उसका नाम समाज में न उछले। वह सारी तोहमत अपने सिर ले लेता है। इस तरह, वह किसी और की इज़्ज़त बचाने के लिए खुद को शराबी के तौर पर पेश करता है। विडंबना यह है कि लोग उसे सिर्फ शराब में डूबा हुआ बर्बाद शख्स मानते हैं, जबकि उसके इस काम के पीछे एक महान प्रेम और बलिदान छिपा है।
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